कैसे काम करता है
यह मंच कैसे काम करता है
चार आसान क़दम — और आपका मामला हमारे रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है।
खाता बनाएँ
सिर्फ़ नाम, ईमेल और पासवर्ड। एक मिनट का काम।
शिकायत भरें
कितना नुकसान हुआ, कब जुड़े, किसने प्रेरित किया — पूरा विवरण दें।
सबूत जोड़ें
स्क्रीनशॉट, पेमेंट रसीद, चैट — जो भी आपके पास है।
हम संपर्क करेंगे
आपके मामले की समीक्षा करके हम आपसे सीधे संपर्क करेंगे और आगे की राह बताएँगे।
आपका डेटा कैसे सुरक्षित रहता है
- ईमेल, फ़ोन नंबर, खाता ID और निजी नोट डेटाबेस में AES-256 एन्क्रिप्शन के साथ रखे जाते हैं।
- सार्वजनिक पन्नों पर सिर्फ़ आपकी आपबीती और छोटा किया हुआ नाम दिखता है — बाक़ी कुछ नहीं।
- सबूत की फ़ाइलें वेब सर्वर की सार्वजनिक जगह से बाहर रखी जाती हैं; कोई लिंक अंदाज़ा लगाकर उन्हें नहीं खोल सकता।
- पासवर्ड एकतरफ़ा हैश किए जाते हैं — हम भी उन्हें पढ़ नहीं सकते।
हम "पैसा वापस दिलाने" की कोई गारंटी नहीं देते और न ही इसके लिए कोई शुल्क लेते हैं। अगर कोई हमारे नाम पर पैसा माँगे तो वह धोखेबाज़ है — तुरंत हमें बताएँ।
साइबर अपराध हेल्पलाइन (भारत): 1930 · cybercrime.gov.in