साइबर अपराध हेल्पलाइन (भारत): 1930 · cybercrime.gov.in 100% निःशुल्क · निजी जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं
हम कभी पैसे नहीं माँगते। यह मंच पूरी तरह निःशुल्क है। वसूली के नाम पर दूसरी ठगी — पढ़िए →

सहायता

अगर मन टूटा है तो पहले उसकी बात। पैसे का रास्ता उसके नीचे है — और वह भी पूरा मुफ़्त।

तीनों नंबर मुफ़्त हैं। मोबाइल पर छूते ही फ़ोन लग जाएगा।

अगर मन में यह आ रहा है कि "अब जीने का क्या फ़ायदा"

तो एक बात सुन लीजिए, और यह किसी तसल्ली के लिए नहीं कही जा रही।

पैसा गया है। यह सच है, और इसे कोई हल्का नहीं बता सकता। सालों की कमाई, शायद क़र्ज़, शायद घर का पैसा — सब एक ऐप ने खा लिया, और सबसे बुरी बात यह लगती है कि "मैंने ख़ुद दिया"।

पर यह ठीक वही जाल है जो बनाया गया था। ये ऐप महीनों की मेहनत से ऐसे ही बनाए जाते हैं कि समझदार, पढ़ा-लिखा आदमी भी फँसे। आप बेवकूफ़ नहीं बने — आप एक धंधे का निशाना बने, जिसे यही करना आता है। हज़ारों लोग, आपसे ज़्यादा पढ़े-लिखे भी, इसी में फँसे हैं।

पैसा वापस आ भी सकता है और नहीं भी। पर एक बात पक्की है — पैसा दुबारा कमाया जा सकता है। आप दुबारा नहीं बनाए जा सकते। आपके घर में जो लोग हैं, उनके लिए आपका होना उस रक़म से बहुत बड़ा है, चाहे रक़म कितनी भी रही हो।

अभी कुछ मत तय कीजिए। बस एक फ़ोन कर लीजिए — 14416। मुफ़्त है, गुप्त है, नाम बताना ज़रूरी नहीं, और दूसरी तरफ़ ऐसा इंसान है जिसका काम ही यही है। कहिए बस इतना: "मेरे साथ ठगी हुई है और मुझे बहुत बुरा लग रहा है।" आगे वह सँभाल लेंगे।

14416 पर अभी फ़ोन कीजिए

अगर अभी मन बहुत भारी है

ठगी के बाद ऐसा महसूस होना कि "अब कुछ नहीं बचा" — यह कमज़ोरी नहीं है, और आप अकेले नहीं हैं। एक साथ दो चोटें लगती हैं: पैसे की, और शर्म की। शर्म वाली अक्सर ज़्यादा भारी होती है, क्योंकि उसे किसी को बताया भी नहीं जाता।

नीचे के नंबर मुफ़्त हैं, गुप्त हैं, और इनमें आपका नाम पूछना ज़रूरी नहीं है। किसी को पता नहीं चलेगा।

टेली-मानस

यहाँ से शुरू कीजिए
14416

या 1800-891-4416

कौन चलाता है
भारत सरकार · स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
कब
24 घंटे · सातों दिन
भाषाएँ
हिंदी, अंग्रेज़ी और 20 भाषाएँ

सबसे पहले यही। प्रशिक्षित counsellor बात करता है, और ज़रूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक से भी जोड़ देता है — सब मुफ़्त।

सरकारी पन्ना

किरण (KIRAN)

1800-599-0019
कौन चलाता है
भारत सरकार · सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
कब
24 घंटे · सातों दिन
भाषाएँ
13 भाषाएँ

फ़ोन उठने पर पहले भाषा चुनिए, फिर अपना राज्य — उसके बाद आपके अपने राज्य के केंद्र से बात होगी।

सरकारी पन्ना

वंद्रेवाला फ़ाउंडेशन

9999 666 555
कौन चलाता है
ग़ैर-सरकारी संस्था · निःशुल्क
कब
24 घंटे · सालभर

इसी नंबर पर WhatsApp भी चलता है। अगर बोलने का मन न हो तो लिखकर बात कीजिए — यह भी पूरी तरह ठीक है।

WhatsApp सरकारी पन्ना

आसरा (AASRA)

98204 66726
कौन चलाता है
ग़ैर-सरकारी संस्था · निःशुल्क
कब
24 घंटे · सातों दिन

भारत की सबसे पुरानी आत्महत्या-रोकथाम हेल्पलाइनों में से एक।

सरकारी पन्ना

iCall (टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान)

9152987821
कौन चलाता है
TISS मुंबई · निःशुल्क
कब
सोम–शनि · सुबह 10 से रात 8

यहाँ email से भी परामर्श मिलता है — icall@tiss.ac.in। लंबी बात लिखकर कहनी हो तो यह रास्ता अच्छा है।

icall@tiss.ac.in सरकारी पन्ना

आपातकाल — पुलिस · एंबुलेंस

112
कौन चलाता है
पूरे भारत में एक ही नंबर
कब
24 घंटे

अगर किसी की जान को अभी ख़तरा है — अपनी या किसी और की — तो पहले यही मिलाइए। बाक़ी सब बाद में।

पैसा रोकने और वापस पाने के लिए

सब मुफ़्त हैं। किसी "recovery agent" को एक रुपया देने की ज़रूरत नहीं — असल रास्ते ये हैं।

राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन

यहाँ से शुरू कीजिए
1930
कौन चलाता है
भारत सरकार · गृह मंत्रालय (I4C)
कब
24 घंटे · सातों दिन

पैसा जाते ही सबसे पहले यही। जितनी जल्दी फ़ोन करेंगे, बैंक में रक़म रोके जाने की संभावना उतनी ज़्यादा। पहले 1–3 घंटे सबसे क़ीमती हैं।

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साइबर अपराध पोर्टल

यहाँ से शुरू कीजिए
cybercrime.gov.in
कौन चलाता है
भारत सरकार · गृह मंत्रालय
कब
हमेशा खुला

1930 पर फ़ोन करने के बाद SMS से एक Ticket ID आती है। उसे लेकर 24 घंटे के भीतर यहाँ पूरी शिकायत लिखिए, वरना वह अधूरी रह जाती है।

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RBI लोकपाल (बैंक की शिकायत)

14448
कौन चलाता है
भारतीय रिज़र्व बैंक
कब
कार्यदिवस · सुबह 9:30 से शाम 5:15
भाषाएँ
हिंदी, अंग्रेज़ी + 10 भाषाएँ

बैंक 30 दिन में जवाब न दे, या जवाब से संतुष्ट न हों — तब यहाँ जाइए। शिकायत cms.rbi.org.in पर मुफ़्त दर्ज होती है, वकील की ज़रूरत नहीं।

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राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन

1915
कौन चलाता है
भारत सरकार · उपभोक्ता मामले विभाग
कब
सुबह 8 से रात 8

WhatsApp और SMS भी — 8800001915। सेवा या भुगतान से जुड़ी शिकायत के लिए।

WhatsApp सरकारी पन्ना

महिलाओं के लिए

इन ठगियों में औरतों के साथ अक्सर एक और चीज़ जुड़ जाती है — तस्वीरें, chat, या "घरवालों को बता देंगे" वाली धमकी। यह अलग अपराध है, और इसकी सज़ा अलग है।

सबसे ज़रूरी बात: ब्लैकमेल करने वाले को कभी पैसा मत दीजिए। देने पर माँग बढ़ती है, रुकती नहीं। सबूत सुरक्षित रखिए और शिकायत कीजिए।

महिला हेल्पलाइन

यहाँ से शुरू कीजिए
181
कौन चलाता है
भारत सरकार · महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
कब
24 घंटे · सालभर

पूरे देश में एक ही नंबर। यहाँ से पुलिस, अस्पताल, सखी वन-स्टॉप केंद्र और मुफ़्त क़ानूनी मदद — सबसे जोड़ा जाता है।

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राष्ट्रीय महिला आयोग

ncw.gov.in
कौन चलाता है
भारत सरकार
कब
हमेशा खुला

ऑनलाइन शिकायत दर्ज होती है और आयोग ख़ुद पुलिस से जवाब माँगता है।

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साइबर अपराध — गुमनाम शिकायत

cybercrime.gov.in
कौन चलाता है
भारत सरकार · गृह मंत्रालय
कब
हमेशा खुला

पोर्टल पर "Report Women/Child Related Crime" वाला रास्ता है, जिसमें अपना नाम बताए बिना भी शिकायत की जा सकती है।

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शिकायत कैसे करें — क़दम दर क़दम

पूरी प्रक्रिया मुफ़्त है। न वकील चाहिए, न किसी एजेंट को पैसा।

  1. सबसे पहले

    1930 पर फ़ोन कीजिए

    यह सबसे ज़रूरी क़दम है और सबसे जल्दी वाला। पहले 1 से 3 घंटे में फ़ोन जाए तो बैंक ठगों के खाते में पैसा रोक सकता है। देर होने पर पैसा आगे-आगे कई खातों में बँट जाता है और रोकना मुश्किल होता है।

    देर हो चुकी हो तब भी फ़ोन कीजिए — शिकायत दर्ज होना ख़ुद में ज़रूरी है।

  2. 24 घंटे के भीतर

    cybercrime.gov.in पर पूरी शिकायत लिखिए

    1930 पर फ़ोन के बाद SMS से एक Ticket ID आती है। उसी को लेकर पोर्टल पर जाइए और शिकायत पूरी कीजिए। यह न करने पर शिकायत अधूरी रह जाती है।

    साथ लगाइए: लेन-देन की पर्चियाँ, बैंक statement, ऐप के screenshot, WhatsApp/Telegram की बातचीत, और जिस खाते या UPI पर पैसा भेजा उसका ब्यौरा।

  3. उसी दिन

    बैंक को लिखकर दीजिए

    फ़ोन पर बताना काफ़ी नहीं। शाखा में लिखित शिकायत दीजिए और उसकी पावती (acknowledgement) ज़रूर लीजिए — तारीख़ और मुहर के साथ। यही काग़ज़ आगे सबसे ज़्यादा काम आता है।

    बैंक को 30 दिन में जवाब देना होता है।

  4. जितनी जल्दी हो

    सबूत सुरक्षित कर लीजिए

    ऐप को फ़ोन से मत हटाइए। पहले सब screenshot ले लीजिए — खाते का balance, लेन-देन की सूची, निकासी की अर्ज़ी, और वे सारे संदेश जिनमें उन्होंने और पैसा माँगा।

    ठग अक्सर खाता बंद कर देते हैं या ऐप से निकाल देते हैं। जो आज दिख रहा है, कल शायद न दिखे।

  5. ज़रूरत पड़ने पर

    FIR और मुफ़्त वकील

    पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई जा सकती है। थाना मना करे तो शिकायत लिखकर पुलिस अधीक्षक को दीजिए, या साइबर पोर्टल की शिकायत का हवाला दीजिए।

    वकील की फ़ीस की चिंता मत कीजिए — 15100 पर फ़ोन करके मुफ़्त वकील माँगिए। यह आपका क़ानूनी अधिकार है।

  6. 30 दिन बाद

    बैंक न सुने तो RBI लोकपाल

    बैंक 30 दिन में जवाब न दे, या जवाब से संतोष न हो, तो cms.rbi.org.in पर शिकायत कीजिए या 14448 पर फ़ोन कीजिए। यह भी पूरी तरह मुफ़्त है।

फ़ोन पर क्या कहना है

घबराहट में शब्द नहीं सूझते। इतना कह देना काफ़ी है — बाक़ी वे ख़ुद पूछ लेंगे।

1930 पर

  • मेरे साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप से ठगी हुई है।
  • [तारीख़] को [रक़म] रुपये [UPI / बैंक खाते] में गए हैं।
  • मेरे पास screenshot और बैंक statement हैं।
  • कृपया रक़म रोकने की कार्रवाई कीजिए।

तैयार रखिए: बैंक खाता नंबर, लेन-देन की तारीख़ और समय, UTR/reference नंबर, और जिस खाते में पैसा गया उसका ब्यौरा।

14416 पर

  • मेरे साथ ठगी हुई है और मुझे बहुत बुरा लग रहा है।
  • मुझे नींद नहीं आ रही / मन नहीं लग रहा।
  • कभी-कभी बुरे ख़याल आते हैं।

यहाँ पैसे का हिसाब नहीं पूछा जाता। नाम भी बताना ज़रूरी नहीं। बस जो महसूस हो रहा है, वही कहिए।

15100 पर

  • मुझे मुफ़्त क़ानूनी सहायता चाहिए।
  • मैं ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ/हुई हूँ।
  • मैं वकील की फ़ीस देने की स्थिति में नहीं हूँ।

अपना ज़िला बता दीजिए — फ़ोन वहीं के विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ दिया जाएगा।

अगर आपके घर या जान-पहचान में कोई ऐसा है

ठगी का शिकार आदमी अक्सर सबसे पहले चुप हो जाता है। शर्म के मारे बताता नहीं, और अकेले में टूटता रहता है। ये लक्षण दिखें तो ध्यान दीजिए।

इन बातों पर ध्यान दीजिए

  • अचानक पैसों की बात पर चुप्पी या टाल-मटोल
  • नींद उड़ जाना, या पूरे दिन पड़े रहना
  • सबसे कटकर अकेले रहना
  • "मैं किसी काम का नहीं", "मेरी वजह से सब बर्बाद हुआ" जैसी बातें
  • अपना सामान बाँटना, या हिसाब-किताब निपटाने जैसी बातें
  • शराब या नींद की गोलियाँ बढ़ जाना

यह कीजिए

  • पास बैठिए और सुनिए। सलाह बाद में — पहले सिर्फ़ सुनना।
  • सीधे पूछ लीजिए: "क्या तुम्हारे मन में ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने का ख़याल आता है?" — पूछने से ख़याल आता नहीं, बल्कि बोझ हल्का होता है।
  • साथ बैठकर 14416 मिलाइए। अकेला छोड़कर "फ़ोन कर लेना" मत कहिए।
  • नींद की गोलियाँ, कीटनाशक, हथियार — पहुँच से हटा दीजिए।
  • पैसे का हिस्सा आप सँभाल लीजिए — शिकायत, बैंक, काग़ज़। उन पर बोझ कम कीजिए।

यह मत कीजिए

  • "तुमने सोचा नहीं था?" — यह वाक्य सबसे ज़्यादा नुक़सान करता है।
  • रक़म को छोटा मत बताइए ("इतने से क्या होता है")।
  • बाक़ी घरवालों या मोहल्ले में बात मत फैलाइए।
  • "मज़बूत बनो" कहकर बात ख़त्म मत कीजिए।
  • अकेला मत छोड़िए, जब तक हालत सँभल न जाए।

सावधान — दूसरी बार ठगी यहीं होती है

ठगी के बाद अक्सर फ़ोन आते हैं: "हम आपका पैसा वापस दिला देंगे", "साइबर सेल से बोल रहे हैं", "बस processing fee लगेगी"।

यह वही गिरोह होता है, या वैसा ही दूसरा। पहली ठगी में जो लोग फँसे, उनकी सूची बिकती है — क्योंकि वे दुबारा उम्मीद में पैसा देंगे।

याद रखिए: सरकारी मदद के लिए कोई फ़ीस नहीं लगती। 1930, 14416, 15100, 181 — सब मुफ़्त हैं। जो भी पैसा माँगे, वह ठग है।

यह पन्ना जानकारी देने के लिए है। हम न डॉक्टर हैं, न वकील, न पुलिस। ऊपर दिए सभी नंबर उनकी अपनी सरकारी या संस्थागत जगह से जाँचे गए हैं, पर सेवाएँ बदल सकती हैं। किसी नंबर में गड़बड़ी दिखे तो हमें बताइए — हम उसी दिन ठीक करेंगे।
सभी नंबर 11 Aug 2026 को जाँचे गए।

हमारे बाक़ी मंच

ठगी अलग-अलग नामों से होती है, इसलिए हर एक के लिए अलग जगह बनाई है — ताकि पीड़ित को अपनी बात कहने की सही जगह मिले।

तीनों मंच एक ही टीम चलाती है। हम यह छिपाते नहीं — इसीलिए यहाँ लिखा है।