तो पहले यह कीजिए — हमारी शिकायत बाद में।
पैसा वापस मिलने की सबसे बड़ी संभावना पहले कुछ घंटों में होती है। जितनी देर होगी, उतनी घटती जाएगी। इसलिए यह पन्ना छोड़कर पहले ये तीन काम कीजिए।
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1
1930 पर फ़ोन कीजिए
भारत की साइबर अपराध हेल्पलाइन, चौबीसों घंटे। वे तुरंत आपके और ठग के बैंक से संपर्क करके पैसा निकलने से पहले खाता रोकने की कोशिश करते हैं।
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2
cybercrime.gov.in पर दर्ज कीजिए
फ़ोन के बाद वहाँ लिखित शिकायत भी दर्ज कीजिए। जो शिकायत संख्या मिले, उसे सँभालकर रखिए — आगे हर जगह वही काम आएगी।
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3
कोई chat मत मिटाइए
WhatsApp और Telegram की बातचीत, भुगतान की रसीदें, खाते के स्क्रीनशॉट — यही आपका असली सबूत है। शर्म या ग़ुस्से में इन्हें मिटा देना सबसे बड़ी भूल है।
ये कर चुके हों — या बहुत समय बीत चुका हो — तब यहाँ अपनी शिकायत दर्ज कीजिए। देर हो जाने पर भी आपकी गवाही बेकार नहीं जाती; वह ढर्रे का हिस्सा बनकर दूसरों के काम आती है।
जो ख़ुद फ़ोन करके, पहले पैसे लेकर, वापसी की गारंटी दे — वह ठग है। कोई असली वकील, कोई नियामक, कोई पुलिस अधिकारी ऐसा नहीं करता। 1930 और cybercrime.gov.in निःशुल्क हैं। वसूली के नाम पर दूसरी ठगी — पढ़िए →