साइबर अपराध हेल्पलाइन (भारत): 1930 · cybercrime.gov.in 100% निःशुल्क · निजी जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं
हम कभी पैसे नहीं माँगते। यह मंच पूरी तरह निःशुल्क है। वसूली के नाम पर दूसरी ठगी — पढ़िए →
पीड़ितों का साझा मंच

किसी binary trading app में पैसा फँसा है? आप अकेले नहीं हैं।

binary trading और options वाले apps पर पैसा लगाने वाले बहुत लोगों का पैसा निकासी (withdrawal) के समय रोक दिया गया। यहाँ अपनी शिकायत दर्ज कीजिए — हम सभी मामलों को एक जगह इकट्ठा करके आगे की कानूनी और सामूहिक कार्रवाई में आपकी मदद करेंगे।

आपका डेटा एन्क्रिप्टेड 100% निःशुल्क निजी जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं
अभी-अभी हुआ है?

तो पहले यह कीजिए — हमारी शिकायत बाद में।

पैसा वापस मिलने की सबसे बड़ी संभावना पहले कुछ घंटों में होती है। जितनी देर होगी, उतनी घटती जाएगी। इसलिए यह पन्ना छोड़कर पहले ये तीन काम कीजिए।

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    1930 पर फ़ोन कीजिए

    भारत की साइबर अपराध हेल्पलाइन, चौबीसों घंटे। वे तुरंत आपके और ठग के बैंक से संपर्क करके पैसा निकलने से पहले खाता रोकने की कोशिश करते हैं।

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    cybercrime.gov.in पर दर्ज कीजिए

    फ़ोन के बाद वहाँ लिखित शिकायत भी दर्ज कीजिए। जो शिकायत संख्या मिले, उसे सँभालकर रखिए — आगे हर जगह वही काम आएगी।

  3. 3

    कोई chat मत मिटाइए

    WhatsApp और Telegram की बातचीत, भुगतान की रसीदें, खाते के स्क्रीनशॉट — यही आपका असली सबूत है। शर्म या ग़ुस्से में इन्हें मिटा देना सबसे बड़ी भूल है।

ये कर चुके हों — या बहुत समय बीत चुका हो — तब यहाँ अपनी शिकायत दर्ज कीजिए। देर हो जाने पर भी आपकी गवाही बेकार नहीं जाती; वह ढर्रे का हिस्सा बनकर दूसरों के काम आती है।

अकेले मत जूझिए

ठगी के बाद मन का टूटना आम है, और उसकी मदद भी मुफ़्त है। मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन, साइबर शिकायत का पूरा तरीक़ा, सरकारी मुफ़्त वकील और महिलाओं के लिए अलग रास्ते — सब एक पन्ने पर।

बुरे ख़याल आ रहे हों तो 14416 — मुफ़्त, गुप्त, 24 घंटे।

सहायता वाला पन्ना खोलिए
RBI · 19 Nov 2025

RBI की चेतावनी-सूची में 95 नाम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने जिन platforms को "forex के लिए अधिकृत नहीं" बताया है, उनकी पूरी सरकारी सूची — साथ में FEMA, SEBI और आपके क़ानूनी अधिकार, आसान हिंदी में।

  • FEMA 1999 — विदेशी मुद्रा का क़ानून
  • RBI का "शून्य दायित्व" नियम — यह ज़रूर पढ़िए
  • महिलाओं के लिए — कुछ बातें अलग से
  • किसी platform की जाँच ख़ुद कैसे करें
पूरी सूची और क़ानून देखिए

ईमेल, फ़ोन नंबर, खाता ID और निजी नोट डेटाबेस में AES-256 एन्क्रिप्शन के साथ रखे जाते हैं।

सार्वजनिक पन्नों पर सिर्फ़ आपकी आपबीती और छोटा किया हुआ नाम दिखता है — बाक़ी कुछ नहीं।

सबूत की फ़ाइलें वेब सर्वर की सार्वजनिक जगह से बाहर रखी जाती हैं; कोई लिंक अंदाज़ा लगाकर उन्हें नहीं खोल सकता।

पासवर्ड एकतरफ़ा हैश किए जाते हैं — हम भी उन्हें पढ़ नहीं सकते।

कैसे काम करता है

यह मंच कैसे काम करता है

चार आसान क़दम — और आपका मामला हमारे रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है।

खाता बनाएँ

सिर्फ़ नाम, ईमेल और पासवर्ड। एक मिनट का काम।

शिकायत भरें

कितना नुकसान हुआ, कब जुड़े, किसने प्रेरित किया — पूरा विवरण दें।

सबूत जोड़ें

स्क्रीनशॉट, पेमेंट रसीद, चैट — जो भी आपके पास है।

हम संपर्क करेंगे

आपके मामले की समीक्षा करके हम आपसे सीधे संपर्क करेंगे और आगे की राह बताएँगे।

दर्ज शिकायतें

पीड़ितों की आपबीती

ये आपबीतियाँ उन्हीं लोगों ने लिखी हैं जिन्होंने अपनी सहमति दी है। किसी की भी निजी जानकारी यहाँ नहीं दिखाई जाती।

अभी तक कोई सार्वजनिक शिकायत नहीं। पहली आवाज़ आपकी हो सकती है।

अपनी शिकायत दर्ज करें
बताए गए प्रमोटर्स

पीड़ितों ने किन-किन का नाम लिया

यह सूची हमने नहीं बनाई। इसमें हर नाम इसलिए है क्योंकि किसी पीड़ित ने अपनी शिकायत में ख़ुद वह नाम लिखा। आगे लिखी संख्या बताती है कि कितनी प्रकाशित शिकायतों में वह नाम आया।

अभी किसी प्रकाशित शिकायत में कोई नाम दर्ज नहीं हुआ है।

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आपके साथ और कौन फँसा था? उन्हें बुलाइए

अकेली शिकायत दब जाती है, सौ शिकायतें सुनी जाती हैं। जिस ग्रुप से आप उस app तक पहुँचे थे, वहीं यह लिंक भेज दीजिए।

WhatsApp Telegram

साझा करने पर आपकी अपनी कोई जानकारी नहीं जाती — सिर्फ़ वेबसाइट का पता।

आपकी एक शिकायत किसी और को बचा सकती है

जितने ज़्यादा लोग सामने आएँगे, मामला उतना ही मज़बूत बनेगा। दो मिनट निकालिए।

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हमारे बाक़ी मंच

ठगी अलग-अलग नामों से होती है, इसलिए हर एक के लिए अलग जगह बनाई है — ताकि पीड़ित को अपनी बात कहने की सही जगह मिले।

तीनों मंच एक ही टीम चलाती है। हम यह छिपाते नहीं — इसीलिए यहाँ लिखा है।